Easter Sunday क्या है क्यों मनाया जाता है?

आपके लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया हूं| Easter Sunday क्या है Easter क्यों मनाया जाता है इसका क्या अर्थ है तो चलिए भाइयों बहनों हम पोस्ट के जरिये जानते है Easter का अर्थ है पुनउद्धान यानी पुनः जी उठना अर्थात बाइबल यह दर्शाती है कि शुक्रवार के दिन हुए मारे गए, गाढ़े गए और Sunday वाले दिन जी उठे|

Easter Sunday क्या है

इसके ऐतिहासिक सबूत भी हैं क्योंकि प्रभु येशु तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठे इनको मसीह समुदाय Easter Sunday के रूप में भी मनाते हैं बहुत से लोग तो यह कहते हैं

Easter Sunday क्या है क्यों मनाया जाता है?
Easter Sunday क्या है क्यों मनाया जाता है?

कि यह सत्य नहीं है क्या कोई मर कर भी दोबारा जी उठता है तो उन्हें हमारा उत्तर है हां हमारा प्रभु येशु कब्र के मुद्दों में से जी उठा और वह आज भी जीवित है और यह कोई काल्पनिक कथा नहीं यह सत्य है जिसे हम बाइबल के वचनों से स्पष्ट भी करते हैं

ईस्टर दिवस क्यों मनाया जाता है?

यीशु के पुण्य जी उठने की भविष्यवाणियां पहले ही बाइबिल में पुराने नियम की कुछ पुस्तकों में की जा चुकी है वो यह स्पस्ट करती है कि यही प्रभु है और वही परमेश्वर है मेरे प्रिय प्रभु येशु जगत में आया जगत का पाप उठाने जिससे जगत पर दंड की आज्ञा ना हो मनुष्य के कारण मृत्यु दंड पहले ही पा चुका था और स्वर्ग का अधिकार भी खो चुका था

परंतु परमेश्वर दयालु है करुणानिधान है उसने अपनी योजना में जब मनुष्य को उसके पाप के द्वारा आए दंड का उपाय पहले ही कर चुका था प्रभु यीशु के रूप में यह सत्य है कि प्रभु येशु मनुष्य के रूप में पृथ्वी पर जिया और उसने संसार के सभी पापों पर विजय पाई| वह पाप में नहीं गिरा परंतु उसे फिर भी उसे मृत्यु सहनी पड़ी|

क्योंकि उसने जगत का पाप अपने ऊपर उठा लिया था| परंतु मेरे दोस्त जो पवित्रता में जीता है जिसमें कोई पाप सिद्ध नहीं होता या फिर वह दूसरी मृत्यु अर्थात नरक की मृत्यु का भोगी नहीं होता मैं शारीरिक मृत्यु के पश्चात सवर्गीय देह में जी उठता है अर्थात जो मनुष्य उस पर विश्वास करता है वह भी दंड कब भोगी ना होगा|

मगर वह भी शारीरिक मृत्यु के पश्चात स्वर्गीय देह में जी उठेगा अर्थात पुनरुत्थान की देर में, इसे आप एक तुरंत योग अध्याय 15 के 35 से 56 वचन में भी विस्तार से पढ़ सकते हैं

येसु को जिस कब में रखा गया तो वहां कब्र के आगे एक बड़ा पत्थर भी रखा गया| परंतु जब सप्ताह के पहले दिन अर्थात रविवार को मरियम लेनी कब्र को देखने आई तो उसने भारी पत्थर से हटा हुआ पाया| तब कब्र के भीतर गई तब उसने स्वर्गदूतों को पाया और बहुत घबरा गई

स्वर्गदूतों ने उससे कहा कि चकित मत हो यीशु नासरी को जो क्रूस पर चढ़ाया गया था वह जी उठा है यहां नहीं है देखो यह वही स्थान है जहां उसे रखा गया था| हालेलुया और यह सत्य है भाइयों बहनों की यह सुबह कब्र पर नहीं थे| वहां केवल वह कपड़ा रखा था

जिसे यीशु को लपेट रखा गया था क्योंकि यह तो प्रभु है उस घड़ी जी उठे थे और तब प्रभु यीशु को मरियम ने वहां खड़े देखा तब उनसे कहा कि हे नारी तू क्यों रोती है किस को ढूंढती है क्योंकि तब तक हम पहचान ही नहीं सकी थी प्रभु यीशु ही है

यह खुद को प्रकट किया बाकी दूसरों को येसु दिखाई दिया है 40 दिन 40 रात तक अपनों के बीच में और उस स्थान में बहुत से लोगों के बीच में रहे फिर उसके पश्चात जीवित उठा लिए गए जिस दिन प्रभु येशु कब्र में से अर्थों में जी उठे थे वही है अर्थात पुनरुत्थान का बुराई पर अच्छाई का दिन है जिसे आज हम विश्वासी जन बहुत ही आनंद के साथ मनाते हैं

क्योंकि इसी दिन हमारा प्रभु राजाओं का राजा प्रभु का प्रभु मृत्यु पर जीत हासिल कर जो अब हमें भी उस पर विश्वास करने वाले उसके मार्ग पर चलने वाले हर मनुष्य को भी मिलती है अर्थात पुनरुत्थान हम बाइबिल में होश में इस वचन को पढ़ सकते हैं अध्याय 6 के दो में यह लिखा है कि 2 दिन बाद जो है वह हमको दिलाएगा और तीसरे दिन में हम को उठाकर खड़ा करेगा

तब हम उसके सम्मुख जीवित रहेंगे तो भाइयों बहनों यह स्पष्ट करता है कि इस पर विश्वास करने वालों का भी पुनरुत्थान होगा और यीशु का वचन बाइबल में यह स्पष्ट करता है एक अध्याय 15 के 3:00 से 8:00 में शास्त्र के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिए मर गया और गाढ़ा गया और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन था जिसे ईस्टर डे कहते हैं

5 से अधिक लोगों को जोड़ने के बाद दिखाई दिया अधिक जानकारी के लिए ऐतिहासिक पुस्तक पढ़ सकते हैं जो कि एक प्रसिद्ध इतिहासकार है यह भी नहीं थे परंतु फिर भी इसने प्रभु यीशु के विषय अपनी पुस्तक में ऐतिहासिक सबूतों के साथ वर्णन किया है मेरे प्रयोग एक्सप्लेनेशन तो उनके लिए है जो विश्वास ही नहीं करते मुर्दों में झूठा है परंतु जो विश्वास करते हैं उन्हें किसी सबूत कि नहीं यीशु की आवश्यकता है

उन्हें किसी सबूत आवश्यकता नहीं होती है अपने विश्वास से यह मानते हैं कि येसु कब्र में से जी उठा और उस पर विश्वास करता है वह भी इसी प्रकार जी उठेंगे हालेलुया यह सत्य है जो पृथ्वी पर आया वह आपके हकीम शैतान के संसार में जी रहा है और यहां पाप से बचने के लिए प्रभु येशु पर विश्वास कर उसके साथ चलने की आवश्यकता है जिससे वह नरक की मृत्यु से बचकर स्वर्ग में प्रवेश कर पाए

क्योंकि केवल येसु ने ही मृत्यु पर विजय पाई है और किसी ने नहीं और वचन कहता भी है कि मृत्यु तेरी जा कहां रही थी मृत्यु तक आ रहा जी हां मृत्यु के देशों ने अपने पैरों तले हरा दिया और इसी तरह यह सुनिधि उठकर मृत्यु को हराया और यीशु ने कहा भी है और जीवन में ही हूं जो कोई मुझ पर विश्वास करता है यदि मर भी जाए तो भेजिएगा यहां प्रभु ने अनंत काल के जीवन के विषय कहा है कि मृत्यु मेने सव्य स्वीकार की थी

जिससे हम जीवन अर्थात से बचाने के लिए यह करना आवश्यक था| अनंत काल तक जिएगा मेरे प्रिय यीशु ने उसकी मृत्यु अपनी इच्छा से स्वीकार की थी| जिससे हम जीवन पाए और अपनी इच्छा से ही जी उठा तीसरे दिन अर्थात ईस्टर डे के दिन येसु तो खुद को क्रूस की मृत्यु से बचाने में भी सामर्थ्य था| परंतु ऐसा कार्य मृत्यु को कैसे जीत पाता मृत्यु पर विजय पाने के लिए यह करना आवश्यक था|

ताकि वे शैतान को हरा सके और बहुतों को अपनी ओर खींच कर उस नर्क की मृत्यु से भी बचा सकें जैसा बाइबल दर्शाती भी है कि में सब मरते हैं वैसे ही मशीन में सब्जी लाए जाएंगे अर्थात आदम के कारण पार्क के कारण मृत्यु आई तथा यीशु के कारण जीवन आया यीशु प्रभु तीसरे दिन जी उठा इसे ही इस तथा पुनरुत्थान का दिन कहते हैं

Easter का दिन बहुत ही आनंद का दिन है क्योंकि इस दिन ही हमारा प्रभु मृत्यु को हराकर जी उठा| इसी प्रकार जो येसु पर विश्वास करता है वह भी जी उठेगा और मृत्यु से ही नहीं वरन पृथ्वी के जीवन में भी हर तकलीफ से बाहर आकर भी उठेगा| चाहे मनुष्य का जीवन बीमारी में हो कंगाली में हो या निराशा में हो किसी भी प्रकार से मरा हुआ हो तो येसु के ऊपर विश्वास कर जी उठेगा|

उसका भी पुनरुत्थान संभव है प्रभु यीशु के नाम में और Easter Day हमारे लिए एक ही दिन नहीं है क्योंकि यह तो हर दिन हमें जीवन देता है तो हमें यीशु प्रभु के इस संडे को आनंद के साथ, जय जयकार के साथ, उत्सव के साथ उसकी स्तुति करके बनाना है

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आज आपने क्या सीखा

क्योंकि यह राजाओं का राजा प्रभु का प्रभु यीशु मुर्दों में से जी उठा है और वह सदा जीवित है आशा करता हूं इस ईस्टर डे का संक्षिप्त विवरण आप को समझ में आया होगा| यदि आप चाहते हैं कि दूसरे भी इसे सुनकर आशीष पाए तो आप इन्हें दूसरों के साथ बांट सकते हैं क्योंकि हमारे प्रभु यीशु मसीह की यही इच्छा है 

ईसाई धर्म का भगवान कौन है?

Ans: ईसाई धर्म का भगवान ईसामसीह (यीशु) है

Qs: ईस्टर कब मनाया जाता है?

Ans: ईस्टर 17 अप्रैल को मनाया जाता है

Qs: ईस्टर कब है 2022 में?

Ans: 17 अप्रैल (Sunday)

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